समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के एक कोचिंग शिक्षक और एक गांव की युवती के बीच चल रहा प्रेम प्रसंग विवाह में बदल गया. ग्रामीणों एवं दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में गांव के ही मंदिर में दोनों की विधिवत शादी संपन्न कराई गई. विवाह के बाद दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया. जानकारी के अनुसार, युवक शंकर चौक स्थित एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक के रूप में कार्य करता है. इसी दौरान उसकी पहचान गांव की एक युवती से हुई थी. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह संबंध प्रेम प्रसंग में बदल गया.
बताया जाता है कि दोनों पिछले कई महीनों से एक-दूसरे के संपर्क में थे. इसी दौरान शिक्षक जब अपनी प्रेमिका से मिलने आया, तभी दोनों को एक साथ देख ग्रामीणों ने रोक लिया. इसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाया गया और पंचायत स्तर पर मामले को लेकर बातचीत की गई. ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक और युवती से उनकी इच्छा पूछी गई. दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने और विवाह करने की सहमति जताई. इसके बाद परिजनों एवं ग्रामीणों की सहमति से दोनों का विवाह करा दिया गया.
युवक ने बताया कि वह युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था. वहीं युवती ने भी युवक के साथ रहने की इच्छा जताई. युवती की मां ने बताया कि युवक लगातार उनकी बेटी के संपर्क में रहता था, जिससे परिवार को पहले से इस संबंध की जानकारी थी. मौके पर मौजूद युवक के बड़े भाई ने कहा कि दोनों की शादी हो चुकी है और परिवार इस रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार करता है.
उन्होंने बताया कि नव दंपति को सम्मानपूर्वक अपने घर ले जाया जाएगा. ग्रामीणों की पहल और दोनों परिवारों की सहमति से शादी संपन्न हुई. हालांकि, शिक्षक का कहना है कि हम दोनों प्रेम करते थे, लेकिन लोगों ने जबरदस्ती शादी करवाई है. हमें इसके अभी और समय चाहिए था.
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