समस्तीपुर चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर दरियापार गांव में चर्चित अपराधी, आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन मामलों के आरोपी और अवैध शराब कारोबारी प्रभात चौधरी तथा उसके सहयोगी की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन 25-25 हजार रुपये के इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधियों पर पूर्व से ही हत्या समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं. इससे पहले पुलिस इस मामले में नामजद आरोपी मुखिया पुत्र रमण ठाकुर को गिरफ्तार कर चुकी थी. उससे पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली. मृतक प्रभात चौधरी के पिता ने इस मामले में 14 नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
पूरे मामले का खुलासा करते हुए समस्तीपुर SP अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि चकमेहसी थाना क्षेत्र में 7 जुलाई को हुए प्रभात चौधरी हत्याकांड में शामिल तीन 25-25 हजार रुपये के इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गुलाब राय, मोहम्मद अहमद उर्फ बाबा और शशिरंजन ठाकुर उर्फ गोलू ठाकुर के रूप में हुई है. तीनों पर अलग-अलग थानों में दर्जनभर से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. ये अपराधी कल्याणपुर और चकमेहसी थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी और मृतक प्रभात चौधरी पहले एक साथ अवैध शराब का कारोबार करते थे. स्थानीय कारणों और आपसी विवाद के चलते उनके बीच विवाद बढ़ा. पूर्व में प्रभात चौधरी पर कोर्ट परिसर में भी फायरिंग हो चुकी थी. मृतक और गिरफ्तार तीनों आरोपियों पर शराब तस्करी के अलावा कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
SP ने बताया कि 7 जुलाई की घटना के बाद तीनों आरोपी उत्तराखंड, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में फरार हो गए थे. पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी वापस लौटकर किसी अन्य घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. इस हत्याकांड में एक दर्जन से अधिक लोग नामजद हैं, जिनमें से एक आरोपी रमण कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सभी आरोपी कई वर्षों से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े थे और आपसी वर्चस्व की लड़ाई भी इस घटना की एक प्रमुख वजह थी.
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया. जांच में सामने आया है कि गुलाब राय और मोहम्मद अहमद उर्फ बाबा ने स्वयं घटना को अंजाम दिया था. घटना में अलग-अलग बोर के पिस्टल बरामद किए गए हैं. इनमें कुछ हथियार गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले हैं, जबकि कुछ हथियार मृतक प्रभात चौधरी के बताए जा रहे हैं. पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि घटना के समय प्रभात चौधरी के साथ मौजूद कुछ लोग मौके से भाग गए थे और संभव है कि घटनास्थल पर मिली मैगजीन उन्हीं की हो. इस पूरे मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है.
