मुंगेर जिला के सफियासराय थाना में पदस्थापित निलंबित दारोगा चंदन कुमार की पत्नी मधु कुमारी की मौत के करीब तीन महीने पुराने चर्चित मामले में वैज्ञानिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. एफएसएल की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि मधु कुमारी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसके पति चंदन कुमार ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या की थी. रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आत्महत्या की कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई है और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आए संदेह की वैज्ञानिक जांच से पुष्टि हो गई है.
21 जुलाई, 2026 दिन मंगलवार को एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि एफएसएल जांच में चंदन कुमार के हाथ से लिए गए स्वैब में गोली चलाने के साक्ष्य मिले हैं. वहीं, मृतका मधु कुमारी के हाथ से लिए गए स्वैब की जांच में गोली चलाने से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं पाया गया. इससे स्पष्ट है कि मधु ने खुद को गोली नहीं मारी थी. गोली चंदन कुमार ने ही चलाई थी.
एसपी ने बताया कि घटना के बाद चंदन कुमार ने मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया था. हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही उसके दावे पर कई सवाल उठे थे. घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिस्थितियां और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पुलिस के संदेह को और मजबूत किया. इसके बाद वैज्ञानिक जांच के लिए साक्ष्य एफएसएल भेजे गए थे. अब एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद हत्या के आरोप की पुष्टि हो गई है.
उन्होंने बताया की आरोपी दारोगा चंदन कुमार को घटना के बाद निलंबित कर दिया गया था. वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. एसपी ने कहा कि मामले में हत्या, दहेज प्रताड़ना समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. पुलिस जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करेगी और आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर उसे सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
11 अप्रैल को हुई थी मधु की मौत
घटना 11 अप्रैल की शाम की है. सफियासराय थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार की पत्नी मधु कुमारी की गोली लगने से मौत हो गई थी. घटना के बाद चंदन कुमार ने पुलिस को बताया था कि मधु ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. हालांकि, मृतका के मायके वालों ने शुरू से ही इस दावे को खारिज कर दिया था. मधु के पिता रंजीत कुमार ने अपने दामाद पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उनका आरोप था कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. परिवार के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था और मधु लगातार तनाव में रहती थी.
