भारत-नेपाल की खुली सीमा से सटे सीमावर्ती जिलों में मानव तस्करी का संगठित नेटवर्क तेजी से पांव पसार रहा है. मानव तस्कर इंटरनेट मीडिया के जरिए लड़कियों को प्रेमजाल या नौकरी का झांसा देकर फंसाते हैं और फिर उन्हें सीमा पार ले जाकर देह व्यापार के दलदल में झोंक दिया. पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल बॉर्डर पर SSB के जवानों ने मानव तस्करी की एक बड़ी कोशिश विफल कर दी गई. यहां सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए रक्सौल बॉर्डर पर बुर्के की आड़ में मानव तस्करी का प्रयास किया जा रहा था, जिसे एसएसबी एव स्वयंसेवी संस्था ने विफल कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, रक्सौल मैत्री पुल पर एसएसबी रूटीन जांच कर रही थी. इसी दौरान बुर्के में एक बच्ची को देख कर एसएसबी को शक हुआ. एसएसबी ने प्रयास जुबेनाइल संस्था के मदद से किशोरी एवं आरोपी युवक को अलग-अलग पूछताछ शुरू किया. पूछताछ में नाबालिग लड़की ने बताया कि स्नैपचैट से दोनों की पहचान हुई थी. युवक ने शादी की झांसा और नेपाल में नौकरी दिलाने के लिए घर से बहला-फुसला कर भगा कर लाया था. नाबालिग लड़की ने बताया कि आरोपी युवक ने बुर्का पहना दिया था, ताकी दूसरे लोग एवं बॉर्डर पर SSB की नजर न पड़े.
आरोपी युवक की ये तरकीब काम नहीं आई और एसएसबी की नजर दोनों पड़ गई. अब एसएसबी ने आरोपी युवक पर मानव तस्करी के मामले में हैरया थाना में मामला दर्ज कराया है. पुलिस अब यह जांच करने में जुटी है कि कहीं कोई ये संगठित गिरोह ने के हिस्सा तो नहीं है.
