नवादा के रोह अंचल के तत्कालीन सीओ भोला पासवान को 12 वर्ष पुराने रिश्वतखोरी मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. वर्ष 2014 में समरेरा गांव निवासी राकेश कुमार की शिकायत पर निगरानी टीम ने भोला पासवान को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. सुनवाई के दौरान 11 गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई.
निगरानी अदालत का यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, रोह थाना क्षेत्र के समरेरा गांव निवासी राकेश कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भूमि विवाद से जुड़े एक काम के लिए तत्कालीन सीओ भोला पासवान द्वारा दरवाजा, खिड़की और बांस लगाने की अनुमति देने के बदले चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया. 15 अक्टूबर 2014 को विशेष टीम ने जाल बिछाकर भोला पासवान को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था.
उधर, अवैध हथियार रखने वाले 3 अपराधियों को नवादा कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने जिन तीन अपराधियों को दोषी ठहराया है, वे सभी रजौली थाना क्षेत्र के ग्राम बारा के निवासी हैं. अपराधियों के नाम पंकज कुमार (पिता- अशोक पासवान), विकास कुमार (पिता- कृष्णा पासवान) और वीरचंद कुमार (पिता- विनोद पासवान) बताए जा रहे हैं. यह मामला 13 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था. पुलिस ने समय पर चार्जशीट दाखिल की और अभियोजन पदाधिकारी रवि प्रकाश ने सरकार की ओर से न्यायालय में मजबूती से साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए थे.
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