मुजफ्फरपुर जमीन कब्जा कांड में विधायक अमित रानू पर बढ़ा पुलिस का शिकंजा, 28 FIR और 7 गिरफ्तार

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 मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह में जमीन पर पूर्व से बनी चहारदीवारी और घरों में तोड़फोड़ के मामले में सीतामढ़ी जिला के बेलसंड के लोजपा (आर) के विधायक अमित कुमार रानू और अन्य लोगों पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो रही है. दूसरी तरफ, जबरन जमीन कब्जा करने के मामले में विधायक और उनके लोगों के खिलाफ एक और एफआईआर ब्रह्मपुरा थाने में दर्ज कराई गई है. वहीं, 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के उदनडीह गांव में जमीन पर जेसीबी से तोड़फोड़ करने के मामले में जेसीबी के मालिक सुबोध राय को गिरफ्तार किया गया है. इस तरह अब तक 28 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दर्ज 28 मामलों में सिर्फ 9 मामले विधायक पर दर्ज किए जा चुके हैं. दूसरी ओर, मुजफ्फरपुर पुलिस विधायक अमित कुमार रानू और उनके लोगों की गिरफ्तारी के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और इसके लिए कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेने की प्रक्रिया में जुट गई है. अब विधायक के ऊपर ब्रह्मपुरा थाने में एक नई FIR दर्ज कराते हुए पीड़ित महिला आशा देवी ने आरोप लगाया है कि अहियापुर थाना क्षेत्र के कोलवा पैगंबरपुर स्थित उसके मकान को विधायक और उनके लोगों ने फर्जी कागजात तैयार करते हुए 35 लाख रुपये देने की बात कहकर जमीन को उनकी मां सुधा देवी के नाम पर रजिस्ट्री कर ली. जबकि उसकी ओर से इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही उसे जमीन का कोई पैसा मिला है.

SDPO टाउन टू विनिता सिन्हा ने बताया कि 20 अगस्त को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से पहुंचे 50 से अधिक लोगों ने अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह में करीब 52 लोगों की जमीनों पर पूर्व से किए गए निर्माण को तोड़ दिया था और विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट की गई. एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने का प्रयास करने और जमीन खाली नहीं करने पर धमकी देने का भी आरोप है. आरोप है कि जमीन पर रहने के लिए बॉस को पैसा देने की बात कही गई थी. घटना के बाद प्रहलाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाना कांड संख्या 1323/26 दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई की गई. पुलिस ने 24 घंटे के भीतर नामजद आरोपित सुमित कुमार श्रीवास्तव और अप्राथमिकी अभियुक्त सन्नी सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद 22 अन्य पीड़ितों के आवेदन पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई. उसके बाद विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव के साथ ही उन लोगों पर जब पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हुआ तो लोगों का विश्वास जगा और फिर 6 और FIR भी थाने में दर्ज कराई गई.

जब पुलिस ने पूरे प्रकरण में कार्रवाई शुरू की तो पुलिस को सूचना मिली कि मामले में शामिल कई आरोपी बेलसंड थाना क्षेत्र के कोठी चौक स्थित विधायक अमित रानू के कार्यालय में छिपे हैं. जिसके बाद मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वहां से नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को गिरफ्तार किया गया. दोनों बेलसंड थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पुलिस के अनुसार उनके पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, नौ कारतूस और तीन मोबाइल व सिम बरामद किए गए. पुलिस के अनुसार छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव के विरुद्ध पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं.


वहीं, जांच के क्रम में विधायक अमित रानू और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव के विरुद्ध न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करते हुए 23 अगस्त को मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित विधायक के निजी आवास पर छापेमारी की गई. यहां से पुलिस ने पार्टनरशिप एग्रीमेंट के कागजात, बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेज और वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद किया. पुलिस ने इस मामले में फर्जी दस्तावेज रखने और छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ बदसलूकी के आरोप में अलग से अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की. जबकि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि अहियापुर कांड में नामजद सोनू सिंह उर्फ अभिनव कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में विधायक के रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने विधायक के रिश्तेदार संतोष सिंह के घर पर छापेमारी की. पुलिस के अनुसार, इस दौरान रिश्तेदार ने पुलिस टीम को धमकी दी और सरकारी कार्य में बाधा डाली. इस मामले में कच्ची-पक्की ओपी में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है.


पुलिस के अनुसार, विधायक अमित रानू के विरुद्ध सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर थाना में वर्ष 2012 में रंगदारी, जबरन वसूली, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित मामला दर्ज है. SDPO टाउन टू विनिता सिन्हा ने कहा कि पूरे प्रकरण में शामिल भू-माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है.

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