रोहतास जिले के डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) डॉ. विमल कुमार की निर्मम हत्या के बाद पूरे बिहार के प्रशासनिक हलकों में आक्रोश की लहर फैल गई है. हत्या के बाद जैसे ही डॉ. विमल कुमार का पार्थिव शरीर दानापुर पहुंचा, बिहार भर से जुटे कार्यपालक अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर भीषण विरोध-प्रदर्शन किया. साथ ही आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया. मृतक कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की पत्नी ने मीडिया के सामने आकर स्थानीय एनडीए विधायक पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने स्थानीय विधायक की ओर से डॉ. विमल कुमार को लगातार फोन कर 50 लाख रुपये की की मांग की जा रही थी. मना करने पर उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थी.
विधायक पर 50 लाख की रंगदारी का आरोप
मृतक कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की पत्नी ने स्थानीय एनडीए विधायक पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आशंका जताई कि हत्या की पूरी साजिश में विधायक का सीधा हाथ है. पुलिस जांच की दिशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ड्राइवर को बलि का बकरा बनाकर मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि एक ड्राइवर अकेले इतने बड़े प्रशासनिक अधिकारी की हत्या की साजिश नहीं रच सकता है.
दानापुर में शव रखकर सड़क जाम
डॉ. विमल कुमार का शव दानापुर पहुंचते ही राज्यभर से आए नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एकजुट हो गए. आक्रोशित अधिकारियों ने सड़क जाम कर सरकार विरोधी नारेबाजी की और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों की मांग
शव रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फील्ड में अकेले काम करने वाले सभी कार्यपालक अधिकारियों को तत्काल सरकारी सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए जाएं. डॉ. विमल कुमार की पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए. हत्या में शामिल सभी साजिशकर्ताओं और अपराधियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.
.jpg)