बिहार की राजधानी पटना के खाजेकलां थाना क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति निकाले जा रहे चेहल्लुम के जुलूस को रोकने पहुंची पुलिस टीम लोगों ने हमला कर दिया. इस दौरान थानाध्यक्ष (SHO) विद्यानंद वर्मा के सिर में चोट लग गई. घटना के दौरान दो पक्षों के बीच अचानक हाथापाई और झड़प शुरू हो गई थी, जिसे शांत कराने के दौरान एसएचओ (SHO) पुलिस बल के साथ स्थिति संभालने का प्रयास कर रहे थे.
पुलिस फोर्स ने स्थिति को पूरी तरह कंट्रोल में ले लिया
दरअसल, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस फोर्स ने फौरन कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों खदेड़ा. साथ अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. इसके बाद इलाके में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है. पुलिस फोर्स ने स्थिति को पूरी तरह कंट्रोल में ले लिया है.
'मामले को सुलझाने की कोशिश के दौरान मुझे चोट लग गई'
घटना के संबंध में खाजेकलां के SHO विद्यानंद वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी. जुलूस के दौरान अचानक 2 गुटों के बीच हाथापाई शुरू हो गई. जब हम पुलिस टीम के साथ मामले को सुलझाने और शांति बनाने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान मुझे सिर में चोट लग गई.
क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है पुलिस, ताकि बनी शांति
बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. पुलिस बिना अनुमति जुलूस निकालने और हिंसा भड़काने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया में जुट गई है.
भारत-नेपाल बॉर्डर पर बवाल, SSB जवानों पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला
वहीं, दूसरी तरफ भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता के समीप विवाद एक बार फिर गहरा गया है. वर्षों से विवादित सुस्ता क्षेत्र में भूमि अतिक्रमण को लेकर तनाव की स्थिति सामने आई है. विवादित जमीन पर निर्माण कार्य रोकने पहुंची सशस्त्र सीमा बल (SSB 21वीं बटालियन) की टीम का नेपाल के सुस्ता गांव के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. इतना ही नहीं लाठी डंडे और पथराव की घटना के बाद बवाल मच गया. अब घटना के बाद एसएसबी ने वाल्मीकिनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने करीबन 200 नेपाली लोगों पर मामला दर्ज कर घटना की जांच और कार्रवाई शुरू कर दिया है.
