मोतिहारी में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक की पिटाई कर हत्या करने का आरोप बंजरिया के पूर्व प्रमुख चमन पर लगा है. मामला बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी का है, जहां शिक्षक शमशाद आलम की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने जमकर हंगामा किया और पूर्व प्रमुख चमन के पेवर ब्लॉक प्लांट पर खड़ी जेसीबी सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी.
विवाद का कारण
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत करीब एक साल पहले मनरेगा योजना के तहत बनकट से सिसवा के बीच बन रही सड़क निर्माण के दौरान हुई थी. आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए शिक्षक शमशाद आलम के खेत से मिट्टी काटी गई थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था. इसके बाद शिक्षक ने मनरेगा पीओ, बीडीओ, सीओ, डीडीसी, डीएम और एसपी सहित कई अधिकारियों को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के बाद यह बात सामने आई थी कि मनरेगा कार्यों में स्थानीय स्तर पर ही मिट्टी काटी जाती है. मनरेगा अधिकारी की तरफ से शिक्षक की खेत को समतल कराने का आश्वासन दिया गया था. शिकायतकर्ता शिक्षक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और लगातार कानूनी व प्रशासनिक दबाव बना रहे थे. जिसके बाद पूर्व प्रमुख ने भी शिक्षक शमशाद की कमजोरियों को खंगालना शुरू कर दिया था.
फर्जी दस्तावेज से नौकरी का मामला आया था सामने
विवाद बढ़ने के बाद पूर्व प्रमुख चमन ने शिक्षक की नौकरी और दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी. जांच में पाया गया कि शिक्षक मूल रूप से चिरैया के रहने वाले थे, लेकिन उन्होंने शिशवा पूर्वी में कथित तौर पर फर्जी निवास प्रमाण पत्र और अभिभावक का नाम बदलकर नौकरी हासिल की थी. तीन सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट के बाद शिक्षक की नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था.
पीट-पीटकर हत्या का आरोप
बताया जा रहा है कि बनकट स्थित विद्यालय में परीक्षा ड्यूटी से लौट रहे शिक्षक शमशाद आलम का रास्ते में चमन से मुलाकात हो गई और दोनों के आमने सामने होने पर फिर से विवाद हो गया. परिजनों का आरोप है कि पूर्व प्रमुख चमन और उनके समर्थकों ने शिक्षक को पकड़कर पंचायत सरकार भवन में बंद कर दिया और जमकर पिटाई की. पिटाई के बाद शिक्षक के लापता होने पर परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए थाने को सूचना दी. पुलिस ने खोजबीन के बाद शिक्षक को जीतपुर-जनेरवा मार्ग के पास से गंभीर अवस्था में बरामद किया. अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात
शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण उग्र हो गए और सड़क जाम कर हंगामा करने लगे. शिक्षक के शव को सदर अस्पताल चौक पर रखकर परिजनों ने सड़क जाम कर दिया. मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम और एसडीपीओ ने लोगों को समझा बुझाकर सड़क जाम खत्म करवाया है आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया. हालांकि सुबह तक ना तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी थी और ना ही थाना में FIR दर्ज करने के लिए कोई आवेदन दिया गया है. शिक्षक की मौत के जांच के लिए S i t का गठन हुआ है, साथ ही मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात ने हत्या के आरोपी पूर्व प्रमुख चमन पर बीस हजार के इनाम घोषणा किया है.
