राजधानी में NEET छात्रा की मौत के बाद से पटना का शंभू हॉस्टल सुर्खियों में है. इस हॉस्टल में तमाम तरह की गैरकानूनी गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका जताई जा रही है. एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है. इस बीच समस्तीपुर जिले का बीएड कॉलेज (सीटीई) सुर्खियों में आ गया है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आजाद चौक स्थित बीएड कॉलेज (सीटीई) में रविवार (18 जनवरी) की देर शाम एडमिन कंसल्टेंट पर जानलेवा हमला किया गया था. इस मामले में अब कॉलेज के प्राचार्या डॉ. पवन कुमार सिंह के उपर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. जख्मी की पहचान एडमिन कंसल्टेंट खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के चकुसैनी के रहने वाले विजय सिंह के बेटे आलोक कुमार के रूप में की गई है.
जानकारी के अनुसार, जख्मी का इलाज शहर के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. उसके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटे आयी है. पीड़ित ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया की रविवार की शाम करीब सात बचे प्राचार्या डॉ. पवन कुमार सिंह ने उसे अपने चेंबर में बुलाकर गाली-गलौज किया. उसने बताया की प्राचार्या पूर्व से उसके साथ बदसलूकी करते रहे हैं और बराबर नौकरी से निकालने की धमकी देते रहे हैं. इसी दौरान चेंबर में ही पास रखे रॉड से प्राचार्या ने एडमिन कंसल्टेंट के सिर पर प्रहार कर दिया जिससे उसका सिर फट गया. इस दौरान अगल-बगल के कर्मियों ने बीच-बचाव कर उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया.
खून से लथपथ कर्मी को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल से डॉक्टर ने उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया. हालांकि सहकर्मियों ने उसे शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है. इधर मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि जख्मी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है. जांच के लिये कॉलेज पर जाने पर प्राचार्य चेंबर में ताला बंद मिला तो पुलिस ने भी अपना ताला प्राचार्य चेंबर में लगा दिया. वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर प्राचार्य चेंबर को खोला जाएगा. जिसके बाद एफएसएल टीम के द्वारा नमूना एकत्रित किया जाएगा. बता दें कि इसी B.Ed. कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर पवन कुमार सिंह के चेंबर से शराब की बोतले पार्टी के लिए सजी हुई थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फिलहाल आरोपी प्राचार्य फरार हो गए हैं.
