मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन किया गया. झारखंड सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अबुआ दिशोम बजट का निर्माण कर रही है. बजट पूर्व गोष्ठी में वित्त मंत्री सहित कई अधिकारी भी शामिल हुए. बजट पोर्टल पर बेहतर सुझाव देने वालों को सीएम ने सम्मानित किया. सीएम हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा, हर राज्य को विकास के रास्ते पर ले जाने के अपने-अपने तरीके होते हैं. झारखंड पिछड़ा राज्य है. यहां बड़े पैमाने पर खनन होता है. निरंतर बेहतर प्रबंधन के साथ आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं. अभी एक लाख करोड़ से ज्यादा का राज्य का बजट है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि हो सकती है.
उन्होंने कहा कि कई नीतियां ऐसी होती हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित करती है. टूरिज्म, एकग्रीकल्चर, स्पोर्ट्स, एजुकेशन, आधारभूत संरचना पर हमारा फोकस है. हर काम में पैसे की बाधा आती है. शहरों को विकसित करना है. गांवों को समृद्ध करना है. हमें भी अपनी अर्थव्यवस्था को उसी तरीके से चलाना होगा. कृषि में हम लोग निरंतर प्रयोग कर रहे हैं और अच्छे प्रभाव दिख रहे हैं. हमारे पास प्रचुर प्राकृतिक संसाधन हैं. नया जेनरेशन कृषि से हटकर नये रास्ते की तलाश में है. उनके लिए बेहतर संसाधन और आधारभूत संरचना की आवश्यकता होगी. आज राज्य को बहुआयामी बजट की आवश्यकता है. झारखंड में क्षमता की कमी नहीं है. आदिवासी बहुल राज्य होने के कारण परम्परागत व्यवस्था को भी हमें आगे बढ़ाना होगा. लाह और तसर में भी हम बेहतर कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मजबूत रूपरेखा के साथ आगे आएगी. लोगों को सरकार के बजट के साथ जोड़ना होगा. उनको भी जिम्मेदारी देनी होगी. इस बार का बजट एक मजबूत बजट होगा, ताकि हर विषय पर मजबूती से काम कर सकें.
इस मौके पर झारखंड वित्त आयोग के सदस्य हरीश्वर दयाल ने कहा, झारखंड के जीडीपी में 10% बढ़ोतरी हुई है, पर देश के जीडीपी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए और तेजी से काम करना होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड का ग्रोथ रेट देश के ग्रोथ रेट से बेहतर रहा है.
