रोहतास जिला के बिक्रमगंज से गरीब लड़कियों पेरेंट्स को उनकी लड़की का अच्छे घर में शादी कराने का प्रलोभन देकर मानव तस्करी के जाल में फंसने का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में बिक्रमगंज की पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में राजस्थान के भीलवाड़ा जिला के सवाईपुर के रहने वाले दूल्हा निर्मल और उसके पिता रतनलाल को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने साथ ही करगहर के सिमरिया के रहने वाले संजय साह और उसकी पत्नी रूबी देवी को भी गिरफ्तार किया गया है. यहीं दोनों दलाली का काम कर रहे थे. इन लोगों के पास से 20 हजार रुपए भी बरामद हुए. बताया जाता है कि अकोढीगोला के बाक की रहने वाली लड़की से राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले निर्मल लाल से शादी कराया गया और इसके बदले लड़की और उनके परिजन को रुपए देने का वादा किया गया.
पहले बताया गया कि लड़की बिहार में ही अपने पति के साथ रहेगी, लेकिन जब शादी कर दिया गया, तो लड़की को जबरन राजस्थान ले जाया जा रहा था. जिसका लड़की ने विरोध किया. पुलिस ने देखा की विक्रमगंज के तेंदुनी चौक के पास कुछ लोग आपस में खिंचातानी कर रहे है. एक लड़की को जबरन घसीटा जा रहा है. गस्ती कर रही पुलिस जब घटना के बारे में जानकारी प्राप्त किया तो पूरा मामला उजागर हो गया.
इस संबंध में लड़की के आवेदन पर 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिसमें से शादी करने पहुंचे दूल्हा और उसके पिता के अलावा एक दलाल दंपति को गिरफ्तार किया गया है. एसडीपीओ ने बताया कि यह पूरा मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है. जिसमें इलाके की गरीब लड़कियों को प्रलोभन देकर हरियाणा और राजस्थान के लड़कों से शादी करकर उससे गलत काम में धकेल दिए जाने से भी जुड़ा हो सकता है.
