बेगूसराय में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां अपराधियों ने एक युवक का अपहरण कर उसे जहर खिलाया और फिर मरा समझकर बोरे में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया. हालांकि किस्मत ने युवक का साथ दिया और समय रहते उसकी जान बच गई. इस घटना की सूचना मिलते ही चकिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची. जब पुलिस ने बंद बोरा खोला, तो अंदर युवक बेहोशी की हालत में जिंदा मिला. आनन-फानन में पुलिस ने युवक को वहां से उठाकर बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
बोरे में बंद कर सड़क किनारे फेंका
यह पूरा मामला चकिया थाना क्षेत्र के बरयाही गांव का है. घायल युवक की पहचान बरयाही गांव निवासी कैलाश यादव के पुत्र सुमित यादव के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि सुमित यादव अपने दोस्त की हत्या के मामले में करीब एक साल से जेल में बंद था और कुछ दिन पहले ही वह जेल से बाहर आया था. परिजनों के अनुसार, सुमित घर से देवघर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा. बाद में परिजनों को सूचना मिली कि उसकी हत्या कर शव को बोरे में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया गया है. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी. जब बोरा खोला गया, तो सुमित यादव जिंदा पाया गया.
पूरे इलाके में दहशत का माहौल
इसके बाद पुलिस और परिजनों ने मिलकर उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया. परिजनों का आरोप है कि तीन से चार युवकों ने सुमित यादव को जहर खिलाया और फिर उसे मरा समझकर बोरे में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. परिजनों ने आशंका जताई है कि गांव के ही कुछ लोगों ने सुमित यादव की हत्या की साजिश रची थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है.
