पटना की चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए जहानाबाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा और कड़ी कर दी है. पहले से तैनात सुरक्षा बल के अतिरिक्त अब और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. घर के अंदर और बाहर चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके. वहीं सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों ने बताया कि 6 फरवरी से घर के बाहर लगातार ड्यूटी लगाई गई है. रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक दो होमगार्ड तैनात रहते हैं, जबकि दिन में चौकीदार अपनी ड्यूटी निभाते हैं.
इधर घटना के बाद परिवार को लगातार किचेन की खिड़की से धमकी भरे पर्चे मिल रहे थे. 14 फरवरी को पहली एक पर्ची मिली थी, जबकि 16 फरवरी को एक और पर्चा घर की खिड़की से फेंका मिला था. दोनों पर्चियां पुलिस को सौंप दी गईं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई. पीड़िता के मामा ने आरोप लगाया है कि सीबीआई से पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने पीड़ित परिवार को सहयोग करने के बजाय टॉर्चर किया था, जिससे परिवार और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है.
सीसीटीवी कैमरे इंस्टाल किए गए
सुरक्षा के मद्देनजर परिजनों ने अपने घर के बाहर और अंदर के हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है. कैमरों के माध्यम से घर के आसपास होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके. वहीं इस पूरे प्रकरण का मामला सीबीआई के पास है. फिलहाल सीबीआई ने हॉस्टल के माहौल, छात्रा के इलाज की हिस्ट्री और अब इन धमकियों के बीच के कनेक्शन को तलाश रही है.
सीबीआई ने परिजनों से की पूछताछ
बता दें कि सीबीआई ने पहली बार 15 फरवरी को छात्रा के पैतृक गांव पतियावां पहुंचकर माता-पिता और भाई से लंबी पूछताछ की. 17 फरवरी को दोबारा गांव पहुंचकर भाई का मोबाइल फोन जब्त कर जांच के लिए पटना ले जाया गया. इसके बाद गुरुवार को टीम तीसरी बार मखदुमपुर के इस्माइलपुर गांव पहुंची, जहां मृतका के मामा से करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई. गया में भी मृतका की मामी से घंटों पूछताछ की गई. फिलहाल एजेंसी परिवार, हॉस्टल, इलाज और मिल रही धमकियों सहित हर पहलू को जोड़कर मामले की गहन जांच में जुटी है.
