झारखंड में SIR पर छिड़ा महासंग्राम: सत्तापक्ष ने बताया 'बीजेपी की साजिश', भाजपा बोली- 'ये पॉलिटिकल ड्रामा'

News Ranchi Mail
0

                                                                   


     

झारखंड में अप्रैल महीने में एसआईआर कराए जाने की संभावना है. इसे लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण हो इसके विरोधी नहीं, पर इसका दुरुपयोग हो, इसके घोर विरोधी हैं. जिस वोट का अधिकार मिला उसे एक क्षण में छीनने का प्रयास हो रहा है. अगर ये अधिकार छीना गया तो इस देश में लोकतंत्र जिंदा नहीं रहेगा. लोगों का वोट न कटे इसको लेकर लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं और बाहरी लड़ाई भी लड़ रहे हैं.

हेम लाल मुर्मू ने साधा निशाना
झामुमो विधायक हेम लाल मुर्मू ने कहा कि एसआईआर एक बहुत बड़ा बीजेपी का षड्यंत्र है, ये पिछले दरवाजे से किसी भी राज्य में राज करने का उनका नया तरकीब निकला है. एसआईआर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले आदिवासी लोग हैं जो दूर दराज में रहते हैं, जो बीजेपी को वोट नहीं करते, अल्पसंख्यक और ईसाई अल्पसंख्यक. बीजेपी को जो वोट नहीं करता उनके नामों को वोटर लिस्ट से ऐन केन प्रकार कटवाना और वोटर की संख्या को घटाना.

एसआईआर कोई गलत चीज नहीं
बीजेपी विधायक मनोज यादव ने कहा कि विरोधियों का काम है विरोध करना. पर एसआईआर कोई गलत चीज नहीं है. पुनरीक्षण होना है, इसमें विरोध की क्या आवश्यकता है ये पॉलिटिकल ड्रामा है. उनका जो माइंडसेट है वो बीजेपी विरोधी है ,इसलिए अनर्गल बयान कर रहे हैं. झारखंड में बहुत बंग्लादेशी बाहर के लोग आकर बस गये हैं जो यहां के नागरिक नहीं वोटर बन गए हैं ,उन लोगों का नाम हटाना चाहिए.

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !