मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 10 दिनों से लापता 7 वर्षीय मासूम ऋषिकेश कुमार का शव क्षत विक्षत स्थिती में खेत में मिला है. बच्चे का सड़ा-गला शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मासूम के हाथ और पैर के पंजे तक काट डाले हैं. घटना करजा थाना क्षेत्र के चैनपुर पछियारी गांव की है. अशोक सिंह का 7 वर्षीय पुत्र ऋषिकेश कुमार बीते 27 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे घर के पास स्थित शिव मंदिर में बच्चों के साथ खेलने गया था और शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला.
बुरी तरह सड़ चुका था शव
मृतक चार बहनों के बीच अकेला भाई था. बच्चे की मां सोनी देवी ने करजा थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. परिजनों के अनुसार, गायब होने के समय उसने काले रंग का इनर और फुल पैंट पहन रखा था. रविवार को स्थानीय लोगों ने चैनपुर चौड़ में एक अज्ञात शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची करजा थाना पुलिस ने जब शव को बाहर निकाला तो वहां मौजूद लोगों की रूह कांप गई. शव बुरी तरह सड़ चुका था और उसके हाथ-पैर के पंजे कटे हुए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए सरैया की प्रशिक्षु आईपीएस सह एसडीपीओ गरिमा ने बताया कि ऋषिकेश की हत्या के पीछे कई गंभीर पहलू सामने आ रहे हैं, जिनकी जांच के लिए पुलिस की विशेष टीम काम कर रही है.
पुलिस ने एक को हिरासत में लिया
उन्होंने बताया कि शक के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. वहीं, घर के इकलौते चिराग के बुझने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है. मां सोनी देवी और पिता अशोक सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ उन्हें फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि समय रहते अगर बच्चे की तलाश पुलिस करती तो शायद आज बच्चा हुआ जीवित होता और घर के इकलौता चिराग की जान बची होती. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है.
