मुजफ्फरपुर जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर घटी दो बड़ी वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पहली घटना शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले तस्करों के दुस्साहस की है, जहां उत्पाद विभाग की टीम पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई. गुप्त सूचना के आधार पर जब विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर स्टेशन से विदेशी शराब की खेप लेकर निकल रहे एक लग्जरी वाहन का पीछा किया, तो तस्करों ने फिल्मी स्टाइल में पुलिस की गाड़ी को उड़ाने की कोशिश की. नगर थाना के मोतीझील से शुरू हुआ यह पीछा अहियापुर के मेडिकल कॉलेज तक चला, जिस दौरान तस्करों ने अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से उत्पाद विभाग के वाहन को टक्कर मारकर सड़क से नीचे उतारने और उड़ाने का प्रयास किया.
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तस्कर
इस दौरान उत्पाद विभाग के अधिकारी और जवान बाल-बाल बच गए. खुद को पुलिस से चारों तरफ से घिरा पाकर तस्कर शराब से भरी लग्जरी कार को बीच सड़क पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह के अनुसार, बरामद वाहन के दस्तावेजों के आधार पर तस्करों और वाहन मालिक की शिनाख्त की जा रही है.
दो मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग
वहीं, जिले के कांटी थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने दहशत फैला दिया है. शहर के सूतापट्टी इलाके में मजदूरी करने के बाद देर रात साइकिल से अपने घर लौट रहे दो मजदूरों- अनिल पटेल और राजकिशोर भगत को बाइक सवार बदमाशों ने अपना निशाना बनाया. कपरपुरा रेलवे गुमटी के समीप नए फ्लाईओवर और लीची बागान के अंधेरे का लाभ उठाते हुए अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस जानलेवा हमले में एक मजदूर को तीन और दूसरे को दो गोलियां लगी हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.
घायल मजदूरों ने किसी तरह अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर अस्पताल पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की. प्राथमिक जांच में यह मामला आपसी विवाद का लग रहा है, हालांकि पुलिस लूटपाट और अन्य रंजिश के कोणों से भी जांच कर रही है. वहीं दूसरी ओर, स्थानीय विधायक ई. अजीत कुमार ने मौके पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
