मोतिहारी में दारोगा को धमकी देने वाले दो कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने चंद घंटों में ही एनकाउंटर कर दिया है. सोमवार (16 मार्च) की देर रात करीब 2:30 बजे चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में एसटीएफ और बदमाशों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई, जिसमें दोनों अपराधी मारे गए. वहीं पुलिस का एक जवान श्रीराम यादव भी शहीद हो गया. मारे गए अपराधियों की पहचान प्रियांशु दुबे और कुन्दन ठाकुर के रूप में हुई. ये मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब पुलिस ने नेपाल के नंबर से धमकी देने वाले बदमाशों को ट्रेस कर घेराबंदी की.
इस पूरी कहानी की शुरुआत एक सनसनीखेज फोन कॉल से हुई. अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने चकिया थाने के अपर थानाध्यक्ष को नेपाल के नंबर से फोन किया. फोन करने वाले ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना नाम बताते हुए सीधे शब्दों में कहा था- "सर, न्यूज में देख रहे हैं कि मुठभेड़ में अपराधी घायल हो रहे हैं. पता है अगली न्यूज क्या होगी? अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ में 10 से 15 पुलिसकर्मियों की मौत. हम दिखा देंगे कि गुंडई क्या होती है."
पुलिस को धमकाना पड़ा महंगा
इस धमकी ने पुलिस के स्वाभिमान को झकझोर कर रख दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने तत्काल टीम गठित की और सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया. जैसे ही लोकेशन चकिया के रामडीहा गांव में मिली, बिहार STF और जिला पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी. खुद को चारों तरफ से घिरता देख अपराधियों ने सरेंडर करने के बजाय पिस्टल और कार्बाइन से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला.
मुठभेड़ में जवान श्रीराम यादव शहीद
काफी देर तक दोनों ओर से गोलियां चलती रहीं, जिससे पूरा इलाका दहल उठा. इसी गोलीबारी में पुलिस के जवान श्रीराम यादव को गोली लगी, जिससे वे शहीद हो गए. वहीं, पुलिस की सटीक जवाबी कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधी, कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे, मौके पर ही ढेर हो गए. मारे गए दोनों अपराधी चकिया क्षेत्र के ही रहने वाले थे और उन पर पहले से आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज थे. कुन्दन ठाकुर रामडीहा गांव में एक किराना दुकानदार के घर रात में छुपता था इसकी सटीक जानकारी मिलने पर आधी रात को पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी.
व्यर्थ नहीं जाने देंगे बलिदान- एसपी स्वर्ण प्रभात
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही चंपारण परिक्षेत्र के डीआईजी (DIG) हरकिशोर राय और एसपी स्वर्ण प्रभात भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ अन्य अपराधियों के फरार होने की आशंका है, जिसके लिए पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है. पुलिस को चुनौती देने वालों का अंजाम यही होगा. शहीद जवान के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. फिलहाल घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है. जिले के सभी सीमावर्ती थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा बरामद हुआ है.
