छातापुर में देर शाम थाना गेट के सामने उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ और थाना की गाड़ी को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. घटना की जानकारी मिलते ही सुपौल SP सरथ आर एस, DM सावन कुमार और डीआईजी आशीष कुमार देर रात छातापुर पहुंचे और पूरे मामले का मौके पर जाकर निरीक्षण किया. अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए. किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए छातापुर बाजार और थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
दरअसल, यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब छातापुर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड पर खड़ी एक यात्री बस में अचानक आग लग गई और बस देखते ही देखते पूरी तरह जलकर खाक हो गई. गनीमत रही कि जिस समय बस में आग लगी, उस वक्त उसमें कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई.
दमकल की देरी से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई. आक्रोशित लोगों ने छातापुर थाना गेट के सामने पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और हंगामा किया. इसी दौरान थाना परिसर के बाहर खड़ी पुलिस वाहन में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. प्रशासन के अनुसार अब तक इस मामले में लगभग दस लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है. डीएम सावन कुमार ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
