'वो गैर मर्द के साथ भाग गई...', महबूब ने 3 महीने की गर्भवती बीवी परवीन को काटकर गड्ढे में छुपाया, पुलिस ने खोज निकाली लाश

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 पूर्णिया जिले में अफेयर के शक में नशेड़ी पति ने 3 महीने की प्रेग्नेंट पत्नी की हत्या कर बॉडी को टुकड़ों में काट दिया. किसी को संदेह न हो इसलिए लाश को कंस्ट्रक्शन साइट पर बोरे में भरा और फिर आधी रात गए कई गड्ढे खोदे. शव के टुकड़ों को कॉलेज ग्राउंड के गड्ढों में दफना दिया. सनकी पति ने इस पूरी वारदात को अररिया जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र स्थित एससी/एसटी कॉलेज परिसर में अंजाम दिया. इस पूरी घटना को तीन महीने पहले अंजाम दिया गया था. बॉडी आज रिकवर की गई है.

वहीं, दिल दहला देने वाली इस पूरी वारदात का कनेक्शन पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र के बेगमपुर गांव से जुड़ा है. मृतका नुसरत परवीन 24 इसी गांव की रहने वाली थी. नुसरत ने परिवार वालों के खिलाफ जाकर गांव के ही रहने वाले मो. महबूब से पांच साल पहले लव अफेयर में शादी की थी. हालांकि, कुछ ही दिनों बाद परिवार ने इस रिश्ते को एक्सेप्ट कर लिया. तब किसी को इस बात का ये अंदाजा नहीं था कि इस प्रेम कहानी का ऐसा खौफनाक अंत होगा, जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे सिहर उठेंगे.

मृतका की मां कमरूल निशा और पिता मोती बुर्रहमान ने बताया कि शुरुआत में दोनों के रिश्ते सामान्य थे और उनकी एक बेटी भी हुई. लेकिन पति को नशे की बुरी लत लग गई. महबूब स्मैक, गांजा और शराब जैसी कई तरह के नशे का आदी हो गया. वो अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता और उस पर चरित्र को लेकर शक भी करता था.

उन्होंने कहा कि शादी बिना दान-दहेज के हुई थी, जिस वजह से महबूब और उसके परिवार वाले नुसरत को दहेज के लिए ताना देते थे. महबूब खुद भी पत्नी और ससुराल वालों के ऊपर दहेज देने को लगातार दबाव बना रहा था. करीब 6 महीने पहले घर में बढ़ते विवाद के बाद महबूब अपने पिता के घर से पत्नी और तीन साल की बेटी को लेकर अलग रहने लगा. उसी दौरान नुसरत तीन महीने की गर्भवती थी. अलग रहने के बाद महबूब लगातार पैसों की मांग करने लगा. घर की माली हालत काफी खराब होने के कारण वे उसकी हर मांग पूरी नहीं कर सके, जिसके बाद प्रताड़ना और बढ़ गई.

वहीं, कई दिनों तक नुसरत से बात नहीं न होने पर उन्हें दामाद महबूब के ऊपर शक हुआ. जब कभी महबूब से पूछते, वो कभी खुद को मुंबई तो कभी हैदराबाद में बताकर बात टाल देता. इसी बीच करीब पांच दिन पहले वो अचानक गांव पहुंचा, लेकिन उसके साथ सिर्फ तीन साल की बेटी थी. जब सभी ने नुसरत के बारे में पूछा, तो महबूब ने जुर्म छिपाने पत्नी को कैरेक्टर पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो किसी गैर मर्द के साथ भाग गई है. यही बात उन्हें खटक गई, क्योंकि नुसरत अपनी मासूम बच्ची को छोड़कर कभी नहीं जा सकती थी.

इसके बाद उन्होंने के. नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की. पहले महबूब के पिता से पूछताछ की गई, फिर महबूब को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ हुई. शुरुआत में महबूब पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बढ़ने पर आखिरकार टूट गया. पुलिस के सामने उसने पत्नी की हत्या की बात कबूल कर ली.

जांच में सामने आया कि महबूब अररिया जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र स्थित एक एससी/एसटी कॉलेज परिसर में राजमिस्त्री का काम करता था. 3 महीने पहले उसी जगह उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया. हत्या के बाद उसने धारदार हथियार से शव के कई टुकड़े किए और कॉलेज परिसर में अलग-अलग जगह गड्ढा खोदकर दफना दिया, ताकि किसी को इस जघन्य अपराध की भनक न लगे.

अब पुलिस आरोपी की निशानदेही पर शव के टुकड़ों बरामद करने और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है. पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं. इधर घटना के बाद बेगमपुर गांव समेत पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. मृतका के परिवार ने महबूब को फांसी की सजा देने की मांग की है. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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