बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के चलते पियक्कड़ समाज के लोग नेपाल जाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सीतामढ़ी में देखने को मिला है. यहां सीतामढ़ी नगर निगम के कई पार्षदों ने नेपाल जाकर दारू पार्टी की, वापस लौटते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गए. सीतामढ़ी पुलिस ने चारों पार्षदों को शराब के नशे में धुत होकर कानून का माखौल उड़ाने के जुर्म में सलाखों के पीछे भेज दिया है. जानकारी के अनुसार, सभी पार्षदों ने नेपाल में जमकर शराब पी और बिहार लौटते समय रास्ते में काफी हंगामा कर रहे थे.
इसी बीच नेपाल बॉर्डर से सटे सोनबरसा थाना क्षेत्र में चांदनी चौक पर हंगामा करने लगे स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना सोनबरसा थाना को दे दी, जिसके बाद सूचना पाकर स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. यहां सभी पार्षद नशे की हालत में पकड़े गए. इसके बाद सभी को थाना लाया गया और ब्रेथ एनलाइजर मशीन से उनकी जांच की गई. जांच में मात्रा से अधिक शराब सेवन की पुष्टि हुई. इसके बाद थाना पुलिस ने चारों पार्षदों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
गिरफ्तार पार्षदों में नगर निगम वार्ड संख्या 31 के पार्षद सीमांत खिरहर, वार्ड संख्या 04 के पार्षद अंशुल प्रसाद, वार्ड संख्या 03 के पार्षद पति मनीष पंडित, वार्ड संख्या 34 के पार्षद पति सुरेश कुमार चौधरी शामिल हैं. बिहार सरकार की मंशा शराबबंदी कानून के माध्यम से स्वस्थ्य समाज का निर्माण करना है, लेकिन समाज के ऐसे ही ठेकेदार सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं.
इस मामले में थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और इसका सख्ती से पालन कराना पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह आम नागरिक हो या जनप्रतिनिधि. सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर हंगामा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
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