झारखंड में बीजेपी पानी और बिजली की किल्लत को लेकर 6 मई से 12 मई तक प्रमंडलवार जिलों में प्रदर्शन करेगी. बीजेपी का आरोप है कि भीषण गर्मी में पूरे राज्य में लोग पेयजल संकट और बिजली संकट से जूझ रहे हैं. वहीं, इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गई है. पेयजल मंत्री ने बीजेपी के आरोप पर पलटवार करते हुए पेयजल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन का 6207 करोड़ रुपए अब तक नहीं दिया है. साथ ही बीजेपी पर जनता को दिग्भ्रमित करने का आरोप लगाया.
बीजेपी अब पेयजल संकट और बिजली कटौती को मुद्दा बना कर हर जिले में प्रदर्शन को घेरने की तैयारी में है. बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने बताया जमीनी वास्तविक स्थिति यही है. पेयजल की घोर किल्लत है. लोग किसी तरह पानी पीने को मजबूर हैं, दूर दूर से लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी लाना पड़ रहा है. बिजली की भी वही स्थिति है. रांची में जब इतनी बिजली कटती है, तो गांव की स्थिति समझ सकते हैं. इन दोनों विषय को लेकर बीजेपी प्रमंडल वार आंदोलन करेगी और सरकार को घेरते हुए मांग करेंगे. पानी की किल्लत और बिजली कटौती दोनों को लेकर जनता को हो रही परेशानी को दूर किया जाए.
रांची की मेयर रोशनी खलको ने पानी बिजली की किल्लत को लेकर कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर बीजेपी अगुआई कर रही है. इसमें सभी दलों को एक साथ जनहित से जुड़े मुद्दे पर सड़क पर उतरना चाहिए. हर चीज पर राजनिति नहीं होनी चाहिए. बीजेपी अगर नेतृत्व कर रही तो ये स्वागत योग्य है. हम लोग सब इसमें सहयोग करेंगे.
इस मामले में पेयजल मंत्री ने कहा कि झूठी तथ्यों के साथ बीजेपी अंदोलन करना चाहती है. वो विपक्ष में है, तो किसी तरह चाहती है कि जनता को दिग्भ्रमित करें और आने वाले समय में जनता का जनमत हासिल करें. कहीं भी दिक्कत नहीं है. हर जगह चापा कल जो खराब हैं वह बन रहा हैं. लोगों को पानी मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जो आरोप लगाया है कि केंद्र का पैसा खर्च नहीं कर पा रहे, तो उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि पहले जो केंद्र राशि दिया है, वो सारी राशि खर्च हो चुकी है. 6207 करोड़ रुपए आज तक नहीं मिला है, जिसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं, जब मिलेगा तो बाकी बचे कार्य योजना को पूरा किया जाएगा.
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी के आरोप पर कहा कि बीजेपी का नाम लेने पर गुस्सा आ जाता है. गर्मी है, तो प्यास लगेगी, ठंड में सर्दी लगेगी और बारिश में बारिश होगी ही, जहां तक बात है पेयजल को लेकर, तो पेयजल मंत्री कार्रवाई कर रहे हैं, बड़े पैमाने पर हैंडपंप लग रहे हैं. बीजेपी के पास कोई मुद्दा है ही नहीं. बीजेपी को ऐसा मैकेनिज्म बनाना चाहिए था कि पानी की दिक्कत न हो, पर अपने कुछ किया ही नहीं.
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी के आह्वान के साथ ही मौसम भी ठंडा हो गया. पूरे देश में जल संकट है. पिछले तीन वित्तीय वर्ष से केंद्र ने पेयजल स्वच्छता विभाग की योजना को कोई पैसा नहीं दिया. प्रावधान है कि केंद्र पैसा देगी तब राज्य सरकार राशि खर्च करेगी.
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संकट है पूरे देश में संकट है और वो संकट है डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस का, उस पर चुप्पी साध लेंगे. उस संकट का समाधान कैसे होगा, हमारे विश्व गुरु उस पर चुप्पी साध लेंगे. क्यों ईरान हमरा दुश्मन हो गया उसका जवाब दे दें. जहां तक नल जल योजना की बात है, तो आवंटन रोक कर रखेंगे, सौतेला व्यवहार करेंगे. राज्य सरकार अपने संसाधन से काम कर रही पर जो काम बीच में लटका हुआ है वो राशि केंद्र नहीं दे रही.
