सुपौल में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम (EOU) ने सुपौल के जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अमरेंद्र कुमार के ठिकाने पर आज सुबह-सुबह छापेमारी की, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. जानकारी मिली है कि आर्थिक अपराध इकाई को पहले से इसकी शिकायत मिल रही थी. EOU ने जिला निबंधन कार्यालय और सब रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के सुपौल सदर बाजार स्थित आवास पर एक साथ छापा मारा. छापेमारी में दस्तावेज, जमीन जायदाद से जुड़े कागजात, बैंक अकाउंट, नक़दी सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य खांगले गए.
जानकारी मिली है सब-रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के अन्य ठिकानो पर भी एक साथ छापेमारी की गई है, जिसमें सुपौल में दो ठिकानों पर रेड मारी गई है. निबंधन कार्यालय में छापेमारी पूरी होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी सुरेश प्रसाद ने बताया कि सुपौल जिला अवर निबंधन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई थाना में केस दर्ज किया गया है.
इस केस में निगरानी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश के द्वारा उनके चेम्बर का सर्च वारंट निर्गत किया गया था. इसी को लेकर आज सुपौल अवर निबंधन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के चेम्बर की जांच की गई है. उन्होंने बताया कि अभी इसमें कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
सुपौल के अलावा पटना के आशियाना दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट के फ्लैट और सारण जिले में उनके पैतृक घर पर भी छापा पड़ा. ईओयू की टीम सभी दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े सबूतों की बारीकी से जांच की. आर्थिक अपराध इकाई की टीम को जानकारी मिली है कि वह अपने आए से एक करोड़ 10 लाख 64000 अधिक संपत्ति अर्जित किए हैं, जो अपने आए से 65.8% अधिक है.
चारों जगह पर डीएसपी लेवल के पदाधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी की कार्रवाई की गई. टीम द्वारा संबंधित दस्तावेजों, संपत्तियों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की गई. ईओयू के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा. इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.
