जहानाबाद में शराब माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक घर से भारी मात्रा में विदेशी शराब और नकली रैपर बरामद किए हैं. मामला नगर थाना क्षेत्र के राजाबाजार स्थित शिक्षक कॉलोनी का है. इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि शिक्षक कॉलोनी स्थित देवकृष्ण शर्मा के मकान में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया जा रहा है और यहीं से तस्करी का खेल चल रहा है.
सूचना की विश्वसनीयता को देखते हुए उत्पाद सब-इंस्पेक्टर रंजीता सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और उक्त मकान पर अचानक छापेमारी की गई. जब टीम ने कमरे की तलाशी ली तो वहां मौजूद अधिकारी भी दंग रह गए. कमरे से विभिन्न ब्रांडों की 400 से अधिक बोतलों में बंद लगभग 322 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई. जांच में जो बात सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली है. पुलिस को मौके से भारी मात्रा में विभिन्न नामचीन शराब कंपनियों के नकली रैपर भी मिले हैं.
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस ठिकाने पर न सिर्फ शराब छिपाई जाती थी, बल्कि स्थानीय स्तर पर मिलावटी या नकली शराब तैयार कर उस पर नामचीन ब्रांडों के रैपर चिपकाए जाते थे, ताकि उन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में असली बताकर खपाया जा सके. पूछताछ में पता चला है कि इस मकान में गौरव कुमार और सौरभ कुमार नाम के दो युवक किराएदार बनकर रह रहे थे. उन्होंने पढ़ाई या किसी अन्य बहाने से यह कमरा लिया और इसे शराब तस्करी का सेफ हाउस बना दिया. इस मामले में उत्पाद विभाग ने मकान मालिक देवकृष्ण शर्मा और दोनों फरार किराएदारों गौरव तथा सौरभ के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर ली है.
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्पाद अधीक्षक दिलीप पाठक ने बताया कि फरार शराब माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए उत्पाद निरीक्षक मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. विभाग अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि नकली शराब बनाने का यह कच्चा माल कहां से आता था और इस सिंडिकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं. प्रशासन का साफ कहना है कि इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी रसूखदार या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा. अब देखना यह है कि विशेष टीम की रडार पर आए ये दोनों शातिर किराएदार कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं.
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