रांची,: 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। परिणाम में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में बापू वाटिका से JPSC कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और आयोग कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा परिणाम रद्द करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उनका आरोप है कि आयोग ने आधी रात को परिणाम जारी किया, परिणाम पत्र पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं और कट-ऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर वायरल एक OMR शीट का हवाला देते हुए उसकी जांच की मांग की। उनका दावा है कि इसमें एक अभ्यर्थी के असामान्य अंक दर्ज हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न होता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को कथित रूप से अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि झारखंड के योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आयोग ने परीक्षा परिणाम जारी करने में निर्धारित मानकों और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। उत्तर कुंजी चार बार जारी किए जाने को भी उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया।
स्थिति को देखते हुए JPSC कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।