रांची। झारखंड में गुमशुदा और अपहृत बच्चों एवं वयस्कों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए झारखंड पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। डीजीपी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में पांच सदस्यीय स्थायी मॉनिटरिंग टीम गठित की जाएगी, जो लापता लोगों की तलाश और मामलों की नियमित निगरानी करेगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी एसएसपी और एसपी को जल्द टीम गठित कर इसकी सूचना देने का निर्देश जारी किया है।
पांच सदस्यीय होगी टीम
गठित मॉनिटरिंग टीम का नेतृत्व डीएसपी (मुख्यालय) करेंगे। टीम में एक इंस्पेक्टर, जिले में प्रतिनियुक्त सीआईडी के एक पदाधिकारी तथा दो सब-इंस्पेक्टर (एक पुरुष और एक महिला) शामिल होंगे।
महीने में दो बार देनी होगी रिपोर्ट
मॉनिटरिंग टीम प्रत्येक माह 1 और 16 तारीख को गुमशुदा एवं अगवा लोगों की बरामदगी से संबंधित प्रगति रिपोर्ट जिला एसएसपी/एसपी को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट रेंज डीआईजी के माध्यम से सीआईडी झारखंड भेजी जाएगी। आईजी सीआईडी समीक्षा कर अपना मंतव्य पुलिस मुख्यालय को भेजेंगे, जिससे पूरे अभियान की राज्य स्तर पर निगरानी हो सके।
विशेष प्रपत्र में दर्ज होगा पूरा विवरण
पुलिस मुख्यालय ने मामलों की निगरानी के लिए एक विशेष प्रपत्र भी जारी किया है। इसमें जिलावार और आयु वर्ग के अनुसार दर्ज मामलों, बरामदगी, अब तक लापता लोगों की संख्या, आरोप पत्र, अंतिम रिपोर्ट, लंबित मामलों और गिरफ्तार अभियुक्तों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
मानव तस्करी पर भी लगेगी लगाम
नई व्यवस्था से गुमशुदगी और मानव तस्करी के मामलों में तेजी से कार्रवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय होने से लापता बच्चों और वयस्कों की सुरक्षित बरामदगी की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।
