बिहार के भागलपुर के नाथनगर में युवक की नृशंस हत्या कर शव के तीन टुकड़े किए जाने के मामले में पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस जघन्य हत्याकांड में मृतक अभिषेक का सगा मामा ही मास्टरमाइंड निकला, जिसने भतीजे को रास्ते से हटाने के लिए उसके दोस्तों को सुपारी दी थी. हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद मामा ने खुद पुलिस और मीडिया के सामने आकर झूठी कहानी गढ़ी और खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करता रहा. लेकिन पुलिस की सख्त जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आगे उसका षड्यंत्र ज्यादा दिन नहीं टिक सका.
पुलिस जांच में खुली साजिश की परतें
पुलिस ने सबसे पहले अभिषेक के तीन दोस्तों राधे, आयुष और ऋतिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की. कड़ी पूछताछ में तीनों ने हत्या की बात कबूल करते हुए मास्टरमाइंड के रूप में अभिषेक के मामा संतोष का नाम लिया. आरोपियों ने बताया कि संतोष ने उन्हें हत्या के लिए दो लाख रुपये दिए थे. इसके बाद पुलिस ने संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया.
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
जांच में हत्या की असली वजह भी सामने आ गई है. दरअसल, मामा संतोष की प्रेमिका से अभिषेक की नजदीकियां बढ़ गई थीं. अभिषेक इस बात को लेकर अपने मामा को अक्सर धमकी देता था कि वह यह राज मामी को बता देगा. इसी डर और बदनामी से बचने के लिए संतोष ने अभिषेक को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची.
अपहरण से हत्या तक की खौफनाक कहानी
पुलिस के अनुसार 23 दिसंबर को अभिषेक का अपहरण कराया गया. 24 दिसंबर की रात पहले उसे गोली मारी गई, फिर हेक्सा ब्लेड से उसके शरीर के तीन टुकड़े किए गए. धड़ को नाथनगर के शाहपुर में गंगा किनारे फेंका गया, जबकि सिर और पैर गंगा में बहा दिए गए. 26 दिसंबर को शव बरामद हुआ और दो दिन बाद सिर व पैर भी मिले. एसएसपी हृदयकांत के निर्देशन और सिटी एसपी शुभांक मिश्रा के नेतृत्व में गठित पुलिस व एफएसएल टीम ने लगातार जांच कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया.
