बेतिया पुलिस ने दस लाख का मोबाइल लैपटॉप टैबलेट चोरी की वारदात का खुलासा किया है. नेपाल और दूसरे जिला से आए शातिर चोरों ने एक निजी प्रतिष्ठान से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने 19 स्मार्ट मोबाइल, 3 लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है. साथ ही नेपाल और घोड़ासहन से 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है. चोरी के इस वारदात के खुलासे के बाद बेतिया पुलिस भी सकते में पड़ गई है, क्योंकि जिला में बेहतर पुलिसिंग की वजह से चोरी और अन्य अपराध की घटनाओं में काफी कमी आ गई है, लेकिन अब बेतिया में नेपाल और अन्य जिलों के शातिर चोर आकर वारदात को अंजाम दे रहे है.
दरअसल, 27 मार्च, 2026 को कुमारबाग थाना अंतर्गत लोहियरिया चौक से एक दुकान में चोरों ने भीषण चोरी को अंजाम दिया था. इसी दुकान में एक जनवरी को भी चोरों ने भीषण चोरी को अंजाम दिया था. एक ही दुकान में दो बार चोरी की घटनाओं से पुलिस सकते में आ गई. इसके बाद बेतिया एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया.
एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि इस पूरे वारदात में अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टर माइंड नेपाल का था, जो नेपाल का परसा जिला का रहने वाला है. नेपाल का यह मास्टर माइंड पिंटू रॉय ने बिहार के कई जिलों के शातिर चोरों से संपर्क कर अपना गैंग बनाया था. गैंग के सभी 6 सदस्य विकाश राय, जैकी कुमार, सूरज कुमार, दीपू कुमार और लक्ष्मण साह को गिरफ्तार किया गया है.
एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन के दिशा निर्देश पर आधुनिक तरीके से अनुसंधान किया गया. टेक्निकल सोर्स का उपयोग किया गया. चोरी की वारदात के दो दिन पहले से शहर के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया था, जिसमें कुछ संदिग्ध पुलिस को नजर आए थे. ये सभी चोर बाहरी थे, जिससे पुलिस दूसरे बिंदु से पुनः जांच करना शुरू किया.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने चोरी गए सभी मोबाइल को तकनीकी शाखा में डाल दिया और पुलिस को यहीं पर बड़ी सफलता मिली. चोरी किए गए मोबाइल कुछ चलने लगे थे, जिनका लोकेशन नेपाल बॉर्डर बता रहा था. बेतिया पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए नेपाल बॉर्डर पहुंची, जहां घोड़ासहन और आदापुर में कुछ मोबाइल मिले, फिर क्या था. बेतिया पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड पिंटू रॉय समेत सभी 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया गया. छापेमारी दल में एसडीपीओ विवेक दीप, तकनीकी शाखा प्रभारी मनोज सिंह, थानाध्यक्ष सम्राट सिंह, सौरभ कुमार और अन्य शामिल थे.
