मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सख्त चेतावनी के बाद भी प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के हौसले काफी बढ़े हुए नजर आ रहे हैं. आलम यह है कि कहीं पर पुलिसवालों की तलाशी ली जा रही तो कहीं पर खनन विभाग के अधिकारियों को धमकाकर गाड़ियां छुड़ाई जा रही हैं. ताजा मामला लखीसराय जिले से सामने आया है. यहां खनन माफिया इन दिनों पूरी तरह से बेखौफ और बेलगाम हो गए हैं. उनका हौंसला इतना बढ़ गया है कि वे अब खनन विभाग के अधिकारियों से भी नहीं डर रहे हैं और जबरन पकड़ी गई गाड़ियों को छुड़ाकर ले गए.
बताया जा रहा है कि जिले में अवैध खनन की सूचना मिलने पर खनन विभाग की टीम ने बालगुदर गांव के पास छापेमारी करके कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लिया. जिसके बाद खनन माफियाओं का कहर देखने को मिला. माफियाओं ने खनन विभाग के अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए अवैध मिट्टी लोड तीन ट्रैक्टर को छुड़ा लिया. अधिकारियों के साथ गाली-गलौज और नोंक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बालगुदर निवासी गौतम कुमार उर्फ भोंपू सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मिट्टी लोड तीन ट्रैक्टर को जबरन छुड़ा लिया. इस दौरान गौतम कुमार उर्फ भोंपू सिंह द्वारा खनन अधिकारियों को काफी अपशब्द भी कहे जा रहे हैं. इस घटना के बाद गौतम कुमार उर्फ भोंपू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.
वहीं इस घटना का वीडियो वायरल होने से खनन विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि खनन विभाग के अधिकारियों को कोई माफिया कैसे धमका सकता है? क्या बिहार में माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए? इससे पहले पटना में पुलिस के साथ एक क्रिमिनल की मां ने दुव्यव्यहार किया था.
दरअसल, मोकामा के कुख्यात अपराधी सोनू-मोनू की मां ने पुलिसकर्मियों की तलाशी लेने का काम किया था. हैरानी की बात यह है कि इस दौरान हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार और पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार भी वहां मौजूद थे और घटनाक्रम का वीडियो बनवा रहे थे. मामला तूल पकड़ने के बाद एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने दोनों को सस्पेंड कर दिया.
